₹11.50 लाख लगाइए और 5 साल में सिर्फ ब्याज से पाइए ₹5 लाख से ज्यादा, पोस्ट ऑफिस की इस स्कीम में मिल रहा शानदार रिटर्न

नई दिल्ली: सुरक्षित निवेश और गारंटीड रिटर्न की तलाश कर रहे लोगों के लिए पोस्ट ऑफिस की नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट (एनएससी) योजना एक बार फिर आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। सरकार ने जुलाई से सितंबर 2026 तिमाही के लिए छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है, जिसके चलते इस योजना पर पहले की तरह 7.7 प्रतिशत सालाना ब्याज मिलता रहेगा।

सरकारी गारंटी के साथ सुरक्षित निवेश का विकल्प

पोस्ट ऑफिस की छोटी बचत योजनाओं को सबसे सुरक्षित निवेश विकल्पों में गिना जाता है क्योंकि इनमें जमा धनराशि पर सरकार की गारंटी होती है। यही वजह है कि यह योजना नौकरीपेशा लोगों, वरिष्ठ नागरिकों और छोटे निवेशकों के बीच काफी लोकप्रिय है। इसमें बाजार के उतार-चढ़ाव का असर नहीं पड़ता और निवेशकों को तय नियमों के मुताबिक रिटर्न मिलता है।

सिर्फ ₹1000 से शुरू कर सकते हैं निवेश

एनएससी योजना में निवेश की शुरुआत महज एक हजार रुपये से की जा सकती है। इस योजना में अधिकतम निवेश की कोई सीमा तय नहीं की गई है, जिससे निवेशक अपनी क्षमता और जरूरत के मुताबिक राशि जमा कर सकते हैं। नाबालिग बच्चों के नाम पर भी खाता खोला जा सकता है, जिसका संचालन अभिभावक कर सकते हैं।

टैक्स बचाने वालों के लिए भी फायदेमंद योजना

इस योजना में निवेश करने वाले निवेशकों को आयकर अधिनियम की धारा 80सी के तहत सालाना 1.5 लाख रुपये तक की कर छूट का लाभ मिलता है। यही कारण है कि यह योजना सुरक्षित निवेश के साथ-साथ टैक्स बचत का भी लोकप्रिय विकल्प बनी हुई है।

5 साल में सिर्फ ब्याज से होगी 5 लाख रुपये से ज्यादा की कमाई

अगर कोई निवेशक इस योजना में एकमुश्त 11.50 लाख रुपये निवेश करता है तो 7.7 प्रतिशत सालाना ब्याज और चक्रवृद्धि गणना के आधार पर पांच साल बाद उसकी राशि बढ़कर करीब 16.66 लाख रुपये से अधिक हो सकती है।

इस दौरान निवेशक को सिर्फ ब्याज के रूप में लगभग 5,16,389 रुपये का फायदा मिलेगा। यानी 11.50 लाख रुपये का मूल निवेश पांच साल बाद बढ़कर करीब 16.66 लाख रुपये तक पहुंच सकता है।

ब्याज पर भी मिलता है ब्याज, इसलिए बढ़ता है रिटर्न

एनएससी योजना की सबसे बड़ी खासियत इसकी चक्रवृद्धि ब्याज व्यवस्था है। इसमें हर साल मिलने वाला ब्याज मूलधन में जुड़ जाता है और अगले साल उसी बढ़ी हुई राशि पर ब्याज मिलता है। यही वजह है कि लंबी अवधि में निवेशकों को बेहतर रिटर्न हासिल होता है।

हालांकि, इस योजना का पूरा लाभ उठाने के लिए निवेश को पांच साल की पूरी अवधि तक बनाए रखना जरूरी है। निर्धारित अवधि पूरी होने से पहले पैसा निकालने पर निवेशक को इस योजना का पूरा फायदा नहीं मिल पाता।

 

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